करी पत्ता के फायदे

करी पत्ता के फायदे
करी पत्ता को कढ़ी पत्ता या मीठी नीम भी कहा जाता है। इसे मीठी नीम इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसके पत्ते नीम की तुलना में थोड़े कम कड़वे, कषैले होते हैं। करी पत्ता के पेड़ पूरे भारत में पाए जाते हैं। करी पत्ता का सबसे ज्यादा उपयोग खानों में ख़ास महक पैदा करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में बताया गया है, कि करी पत्ता के गुण बहुत से हैं। करी पत्ता से कई बीमारियों का इलाज और रोगों से बचाव किया जा सकता है।
भोजन को स्वादिष्ट और उसकी खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। करी पत्ता आपको हर घर के किचिन में मिल जायेगा, जिसे आप मीठी नीम के नाम से भी जानते हैं। कढ़ी पत्ते का उपयोग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है |कढ़ी पत्ते का उपयोग आप बाल टूटने से बचाने वजन कम करने और शुगर को कंट्रोल करने में कर सकते हैं, कढ़ी पत्ते की प्रकति ठंडी (शीतल) होती है। मीठी नींम एक प्रकार का स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसका प्रयोग सब्जी में तड़का लगाने के साथ साथ चटनी बनाने मैं भी किया जाता है। कड़ी पत्ते में कैल्शियम, फास्फोरस, लोह, प्रोटीन और विटामिन A, B और C पाए जाते हैं। कढ़ी पत्ता पाचन संबंधी विकारों में बहुत उपयोगी माना जाता है।
करी पत्ता के लिए औषधीय गुण
वजन घटाने में: कढ़ी पत्ते में डाइक्लोरोमेथेन, एथिल एसीटेट और महानिम्बाइन जैसे खास तत्व पाए जाते हैं। इन तत्वों में वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ट्राइग्लिसराइड (फैट का एक प्रकार) के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता पाई जाती है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है, कि कढ़ी पत्ते का उपयोग वजन घटाने में मददगार साबित होता है।
एनीमिया में लाभदायक: कढ़ी पत्ते में एंटी एनीमिया गुण पाया जाता है, जो एनीमिया पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है। इसके अलावा कड़ी पत्ता कैल्सियम आयरन, जिंक और वैनेडियम जैसे खनिज पदार्थों का अच्छा स्रोत है। इस कारण कहा जा सकता है कि एनीमिया से निजात दिलाने में कढ़ी पत्ते का उपयोग सहायक साबित हो सकता है ।
डायबिटीज में मददगार: कढ़ी पत्ते में हाइपोग्लाइसेमिक (शुगर लेवल को कम करना) गुण पाए जाते हैं। यह गुण शरीर में शुगर की मात्रा को कम करने में सहायक साबित होता है। इस कारण ऐसा कहा जा सकता है कि नियमित आहार में करी पत्ता के लाभ डायबिटीज जैसे जोखिमों को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं ।
लिवर के लिए: कढ़ी पत्ते में टैनिन और कारबाजोले एल्कलॉइड जैसे तत्व मौजूद होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन तत्वों में हेप्टोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो लिवर की कार्यक्षमता को बढाते हैं। साथ ही उससे संबंधित हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसे जोखिमों को कम करने में भी सहायक होते हैं।
दिल का रखे ख्याल: कढ़ी पत्ता एक हर्बल औषधि है, जो विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज लिए करी पत्ते का उपयोग एक मददगार आयुर्वेदिक औषधि के रूप में लंबे समय से होता आया है। इसके अलावा करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम भी करता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है।
डायरिया से बचाव: कढ़ी पत्ते में पाए जाने वाले कार्बाजोले एल्कलॉइड्स में डायरिया से बचाव करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है, कि इसका नियमित सेवन डायरिया जैसी समस्या से निजात पाने में कारगर साबित हो सकता है।
कोलेस्ट्रोल का नियंत्रण: कढ़ी पत्ते में विटामिन C के साथ एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं। वहीं इस संबंध में किये गए एक शोध में विशेषज्ञों ने पाया कि कढ़ी पत्ते का उपयोग शरीर से बैड केलेस्ट्रोल की मात्रा को घटाने में सहायक सिद्ध होता है।
संक्रमण से बचाव में: कढ़ी पत्ते के तेल में पाए जाने वाले कुछ खास पोषक तत्वों में एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुण भी पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले यही गुण बैक्टीरिया और फंगल प्रभाव को कम करने में लाभकारी परिणाम देते हैं । इसलिए कहा जा सकता है, कि करी पत्ता के फायदे में संक्रमण से बचाव भी शामिल है।
त्वचा के लिए लाभदायक: कढ़ी पत्ते का प्रयोग त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है। माना जाता है कि इसके तेल में मौजूद तत्वों में कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिनके प्रभाव से जले-कटे और बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर इसे उपयोग में लाया जा सकता है।
बालों का रखे खास ख्याल: कढ़ी पत्ते के तेल में पाए जाने वाले पोषक तत्व बालों के लिए भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कढ़ी पत्ते का तेल बालों पर लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इसका नियमित इस्तेमाल बालों के विकास में मदद करता है। वहीं, करी पत्ता के फायदे में भूरे बालों की समस्या से छुटकारा भी शामिल है।
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