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सोमवार, 17 नवंबर 2025

बथुआ के फायदे

 

बथुआ के फायदे

बथुआ के फायदे


बथुआ एक ऐसी सब्जी है जिसके गुणों से ज्यादातर लोग अपरिचित हैं। ये छोटा-सा दिखने वाला हराभरा पौधा काफी फायदेमंद है, सर्दियों में इसका सेवन कई बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है। बथुए में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, बथुआ न सिर्फ पाचनशक्ति बढ़ाता बल्कि अन्य कई बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। बथुआ एक ऐसी सब्जी या साग है, जो गुणों की खान होने पर भी बिना किसी विशेष परिश्रम और देखभाल के खेतों में स्वत: ही उग जाता है। एक डेढ़ फुट का यह हराभरा पौधा कितने ही गुणों से भरपूर है।

यह एक वार्षिक खरपतवार पौधा है जो खेतों में फसलों के साथ-साथ बढ़ता है। इसे अन्‍य नामों जैसे व्‍हाइट हंसफुट, पिगवेड आदि से भी जाना जाता है। यह भारतीय खरपतवारों की सबसे व्यापक रूप फैलने वाली प्रजातीयों में से एक है। बथुआ को भारत में पत्तेदार सब्‍जी के रूप में उबाल कर उपयोग किया जाता है। भारत में तैयार किये जाने वाले अन्य व्यंजनों में जैसे रायता, पराठा में भी इसका उपयोग किया जाता है। साथ ही बथुआ के बीज भी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। बथुआ एक ऐसा साग है, जिसमें आयरन, मैग्नेसियम, फाइबर, विटामिन A, C और B काम्प्लेक्स आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता है । इसलिए इसका सेवन जाड़े में अच्छा होता है।

बथुए के औषधीय गुण

कब्ज से राहत दिलाने में बथुआ बेहद कारगर है। गठिया, लकवा, गैस की समस्या में यह काफी फायदेमंद है।


बथुआ के पत्ते मुंह के छाले को कम करती है।


बथुए को कच्चा चबाने से मुँह की बदबू, पायरिया में फायदा होता है |


बथुए को पानी में उबालकर उसके पानी से सर धोने पर केशों में मोयास्चराइजर बढ़ती है


भूख में कमी आना, खाना देर से पचना, खट्टी डकार आना जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी बथुआ खाना फायदेमंद है।


बथुए की पत्तियों को कच्चा चबाने से सांस की बदबू, पायरिया और दांतों से जुड़ी अन्य समस्याओं में फायदा होता है।


बथुआ और गिलोय का रस लेकर एक सीमित मात्रा में दोनों को मिलाएं, फिर इस मिश्रण का 25-30 ग्राम रोज दिन में दो बार लें। फायदा होगा।


बथुए को 4-5 नीम की पत्तियों के रस के साथ खाया जाए तो खून अंदर से शुद्ध हो जाता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है।


बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार बथुआ खिलाया जाए तो उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं। बथुआ पेट दर्द में भी फायदेमंद है।


बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से चर्म रोग जैसे सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में भी आराम मिलता है। इसके अलावा बथुए के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालें। अब 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाएं और इसे धीमी आंच पर पकाएं। इसके पानी को पिएं।


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