तिल के बीज के फायदे

तिल के बीज के फायदे
छोटा सा दिखने वाले तिल का बीज आपके स्वास्थ्य के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। तिल के गुणों के कारण ही मध्य काल में इसकी तुलना सोना (गोल्ड) से होती थी। तिल के बीज में बीमारी दूर करने और बीमारी को रोकने की अदभूत क्षमता है। इसमें तांबा, मैगनीज, कैल्शियम और मैग्नीशियम विशेष रूप से पाया जाता है। इसके अलावा कई विटामिन्स, खनिज और अन्य पोषक तत्व इसमें पाए जाते हैं। बीपी को कम करने के साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए भी तिल काफी फायदेमंद है। तिल का उपयोग आप कई तरीकों से कर सकते है। आईए जानते है कि तिल के फायदे, बीज और तिल के तेल के फायदे के बारे में।
तिल के औषधीय गुण
प्रोटीन से भरपूर- प्रोटीन मानव शरीर के विकास के लिए महत्वपूर्ण तत्व है। प्रोटीन की कमी होने पर कई रोग हम पर वार कर सकता है। ऐसे में तिल के बीज उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन से भरपूर होते है। इसके इस्तेमाल से शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
मधुमेह को रोकने में- तिल के बीज में मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। तिल का तेल मधुमेह को रोकने में कारगार साबित हो सकता है। इसके साथ ही तिल का तेल हाइपरसेंसिटिव मधुमेह रोगों में प्लाजमा ग्लूकोज को सुधार करने में मदद करता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करें- तिल कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है। तिल में पाए जाने वाले तत्व फाइटोस्टोरोल्स कोलेस्ट्रॉल के प्रोडक्शन को रोकता है। आपको बता दें कि काले तिल के बीज विशेष रूप से फाइटोस्टोरोल में उच्च हैं।
झुरियां को हटाए- तिल का तेल हानिकारक पराबैंगनी किरणों से आपकी त्वचा की रक्षा करता है। इसके साथ ही त्वचा पर झुरियों को रोकता है। इतना ही नहीं त्वचा से पिंगमेंटेशन लॉस को भी रोकता है।
बीपी को कम करने में- ब्लड प्रेशर का बढ़ना हो या फिर ब्लड प्रेशर का घटना दोनों ही मरीज के लिए घातक है। शोधकर्ता द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि तिल का तेल मधुमेह में रक्तचाप को कम करता है। तिल के बीज में पाए जाने वाले मैग्नीशियम बीपी को कम करने में मदद करता है।
डायजेशन में करता है मदद- फाइबर की मौजूदगी के कारण तिल पेट के लिए फायदेमंद होता है। ये फाइबर खाने को पचाने में सहायक साबित होता है आप अच्छे पाचन के लिए तिल का सेवन कर सकते है।
एनीमिया को दूर भगाएं- शरीर में खून की कमी के कारण कमजोरी, सिर में दर्द, चक्कर आने जैसे समस्या बनी रहती है। लेकिन काले तिल के उपयोग से हम शरीर में एनीमिया को दूर कर सकते है। काले तिल के बीच में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अत्यधिक कमजोर व एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति इसके उपयोग से जल्दी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते है।
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